पीलीभीत में बड़ा बयान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को पीलीभीत के निरामपुर गांव में आयोजित श्री राम कथा महोत्सव को संबोधित करते हुए कहा कि अयोध्या में जलने वाला हर दीया समृद्धि और विकास का स्रोत बनेगा। उन्होंने कहा कि दीपोत्सव के दौरान जलने वाले दीये न केवल भगवान श्री राम के आगमन की स्मृति को ताजा करते हैं, बल्कि प्रदेश की प्रगति, समृद्धि और उज्ज्वल भविष्य का प्रतीक भी हैं। कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री ने परिसर के शिव मंदिर में पूजा-अर्चना की और विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण किया।
अयोध्या का दौरा
इससे एक दिन पहले, सोमवार को मुख्यमंत्री अयोध्या गए थे, जहां उन्होंने श्री राम जन्मभूमि मंदिर में श्री राम लला विराजमान की आरती की और दीपोत्सव की तैयारियों की समीक्षा की। तीर्थ क्षेत्र परिसर के यात्री सुविधा केंद्र के सभागार में अधिकारियों के साथ बैठक कर उन्होंने निर्देश दिए कि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा न हो। सभी व्यवस्थाएं तय समय में पूरी करने पर जोर दिया गया।
अयोध्या का बदला चेहरा
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2 नवंबर 1990 को अयोध्या में राम भक्तों पर गोली चलाई गई थी और उस समय ‘जय श्री राम’ का नारा लगाने तक पर रोक थी। आज अयोध्या चारों ओर से फोरलेन सड़कों, बेहतर रेल सुविधा और हवाई संपर्क से जुड़ा है। उन्होंने बताया कि रोजाना एक लाख से अधिक श्रद्धालु राम लला के दर्शन करते हैं, जो त्योहारों पर पांच से 50 लाख तक पहुंच जाते हैं। अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का नाम महर्षि वाल्मीकि के नाम पर रखा गया है।
7 नवंबर को 10वां दीपोत्सव
अयोध्या का 10वां दीपोत्सव 7 नवंबर को मनाया जाएगा, जिसमें लाखों दीये जलाए जाएंगे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के भी शामिल होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने X पर लिखा कि दीपोत्सव ने अयोध्या की सांस्कृतिक विरासत को जन-जन के उत्सव में बदल दिया है।
दीपोत्सव की मुख्य जानकारी 31 लाख दीयों वाला दीपोत्सव यहां पढ़ें, और गोरखपुर की ₹1,662 करोड़ परियोजनाओं की खबर यहां देखें।
