अंतरराष्ट्रीयराष्ट्रीयउत्तर प्रदेशउत्तराखंडपंजाबहरियाणाझारखण्डऑटोमोबाइलगैजेट्सखेलनौकरी और करियरमनोरंजनराशिफलव्यवसायअपराध

---Advertisement---

UP में सरकारी नौकरी के नए नियम: हिंसक संगठनों से जुड़े अभ्यर्थी अयोग्य

On: October 29, 2026 3:46 PM
Follow Us:
---Advertisement---

उत्तर प्रदेश सरकार ने सरकारी भर्तियों के लिए चरित्र सत्यापन की व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। 29 अक्टूबर 2026 को जारी नए निर्देश के अनुसार, ऐसे संगठनों से जुड़े अभ्यर्थी जो हिंसा के जरिए मौजूदा सामाजिक व्यवस्था बदलने की वकालत करते हैं, उन्हें सार्वजनिक रोजगार के लिए अयोग्य माना जाएगा। यह नियम राज्य के सभी सरकारी विभागों, निगमों, परिषदों और स्थानीय निकायों में लागू होगा।

आदेश में क्या कहा गया

यह आदेश नियुक्ति विभाग के प्रमुख सचिव एम. देवराज के हस्ताक्षर से जारी हुआ है। इसमें स्पष्ट किया गया है कि “जो व्यक्ति किसी ऐसे संगठन का सदस्य है, जिसका घोषित उद्देश्य हिंसा के माध्यम से समाज की मौजूदा व्यवस्था को बदलना है, उसे सरकार के अधीन नियुक्ति के लिए अयोग्य माना जाएगा।”

UP government job new rules: सरकारी कर्मचारियों से जुड़ी खबर

राजनीतिक विचारधारा पर छूट

सरकार ने एक महत्वपूर्ण छूट भी दी है: किसी भी अभ्यर्थी को सिर्फ राजनीतिक विचारधारा के आधार पर अयोग्य नहीं ठहराया जाएगा। नियमों को इस तरह बनाया गया है कि निशाना हिंसा से जुड़े संगठनात्मक संबंध पर है, न कि असहमति या विपक्षी राजनीति पर।

तीन साल की गतिविधि अवधि

संशोधित दिशानिर्देशों के तहत 21 वर्ष की आयु के बाद और चरित्र सत्यापन से पहले के तीन वर्षों के दौरान हिंसक व्यवस्था परिवर्तन के उद्देश्य से की गई गतिविधियों में भागीदारी को सक्रिय संलिप्तता का प्रमाण माना जाएगा — बशर्ते उस अवधि में अभ्यर्थी की सोच में वास्तविक बदलाव का ठोस सबूत न हो। इससे पहले के अधिक खुले सत्यापन मानदंडों की तुलना में अब एक स्पष्ट समय-सीमा तय हो गई है।

यह कदम राज्य में सरकारी भर्तियों की पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में उठाया गया माना जा रहा है।

सीधी भर्ती वाले अभ्यर्थियों पर असर

यह नियम सरकारी विभागों में सीधी भर्ती (डायरेक्ट रिक्रूटमेंट) के जरिए आने वाले सभी अभ्यर्थियों के चरित्र सत्यापन पर लागू होगा। सत्यापन के दौरान अभ्यर्थी के संगठनात्मक संबंधों और हाल की गतिविधियों की जांच की जाएगी। सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और सुरक्षित बनाना है, न कि किसी की राजनीतिक राय को निशाना बनाना।

UP में न्यूनतम वेतन बढ़ोतरी की खबर

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Reply